पटना: आज जे. डी. वीमेंस कॉलेज के प्रांगण में इतिहास विभाग की ओर से पर्यावरण संरक्षण के रूप में राखी के उत्सव को मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मीरा कुमारी की उपस्थिति में हुआ। उनके साथ इतिहास विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. सुमिता सिंह, वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो. कुमकुम कुमारी, डॉ. लक्ष्मी कुमारी, पल्लवी निशा और डॉ. कविता लखैयार भी उपस्थित रहीं। स्नातकोत्तर इतिहास की तृतीय सत्र की छात्राओं ने इस आयोजन में विशेष रूप से भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।
अनोखा और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया
जे. डी. वीमेंस कॉलेज के प्रांगण में इतिहास विभाग की ओर से एक अनोखा और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राखी उत्सव को पर्यावरण संरक्षण के रूप में मनाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल भारतीय संस्कृति और परंपरा को संजोना था, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का संदेश भी देना था। इस अवसर पर छात्राओं ने स्वयं द्वारा निर्मित राखियां तैयार कीं, जिन्हें उन्होंने कॉलेज परिसर में लगे वृक्षों को बांधा। यह प्रतीकात्मक पहल इस बात का संदेश दे रही थी कि जैसे राखी भाई-बहन के रिश्ते में सुरक्षा और प्रेम का वचन देती है, वैसे ही हमें वृक्षों और पर्यावरण की सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए। हर राखी एक वचन थी — प्रकृति की रक्षा, हरियाली को बनाए रखने और पर्यावरण संतुलन को संरक्षित करने का।
समाज के लिए प्रेरणादायी बताया
डॉ. मीरा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट को देखते हुए ऐसे रचनात्मक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने छात्राओं की इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इतिहास विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. सुमिता सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदेश है कि हमें अपनी धरती को बचाने के लिए छोटे-छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाने होंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं और शिक्षिकाओं ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने वचन दिया कि वे न केवल वृक्षारोपण करेंगी बल्कि पहले से लगे वृक्षों की देखभाल और संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
यह आयोजन इस बात का जीवंत उदाहरण था कि पारंपरिक त्योहारों को आधुनिक संदर्भों में ढालकर हम सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता फैला सकते हैं। राखी के इस पावन पर्व को हरियाली के संदेश के साथ जोड़कर जे. डी. वीमेंस कॉलेज ने न केवल एक नई पहल की, बल्कि समाज के सामने एक प्रेरणादायी मिसाल भी पेश की।







