डिजिटल इंडिया की नई ताकत: देश में 84% महिला उद्यमी कर रही हैं डिजिटल पेमेंट्स का इस्तेमाल: DBS बैंक स्टडी

मुंबई: एमएसएमई डे (MSME Day 2026) से ठीक पहले, डीबीएस बैंक इंडिया (DBS Bank India) ने डेलॉयट (Deloitte) के साथ मिलकर अपनी ‘विमेन एंड फाइनेंस’ (Women and Finance) सीरीज की दूसरी रिपोर्ट जारी की है। ‘द डिजिटल अपॉर्चुनिटी: एक्सेस, अडॉप्शन एंड ट्रस्ट’ नाम की इस रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि भारत की महिला उद्यमी (Female Entrepreneurs) डिजिटल वित्तीय साधनों का इस्तेमाल करने में सबसे आगे हैं।

इस देशव्यापी सर्वे में भारत के अलग-अलग कोनों से 1,342 महिलाओं (उद्यमी, हाई-नेट-वर्थ और ग्रामीण कामकाजी महिलाओं) के विचारों को शामिल किया गया है।

सिर्फ पेमेंट ही नहीं, लोन और शेयर मार्केट में भी बढ़ा महिलाओं का भरोसा

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण महिलाएं बैंकिंग और पेमेंट्स से आगे बढ़कर अब निवेश और लोन प्लेटफॉर्म्स का भी सक्रिय रूप से लाभ उठा रही हैं।

महिला वर्ग यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल मुख्य डिजिटल प्राथमिकताएं
महिला उद्यमी (Entrepreneurs) 72% 38% लोन/क्रेडिट प्लेटफॉर्म और 29% ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही हैं।
हाई-नेट-वर्थ (HNW) महिलाएं 77% 28% महिलाएं अपनी इन्वेस्टमेंट के लिए सीधे ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करती हैं।
ग्रामीण कामकाजी महिलाएं 54% मुख्य रूप से दैनिक लेनदेन और बुनियादी बैंकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हैं।

इसके अलावा, शहरी भारत में महिलाओं के बीच क्रेडिट कार्ड का चलन भी तेजी से बढ़ा है। सर्वे में शामिल 50% महिला उद्यमियों और 53% एचएनडब्ल्यू (HNW) महिलाओं ने माना कि वे क्रेडिट कार्ड का नियमित इस्तेमाल करती हैं। इन दोनों ही वर्गों में ट्रैवल रिवॉर्ड्स (जैसे होटल ऑफर्स, एयर माइल्स और लाउंज एक्सेस) सबसे पसंदीदा क्रेडिट कार्ड बेनिफिट बनकर उभरे हैं।

बिजनेस से लेकर घर तक: कहाँ खर्च हो रहा है पैसा?

डीबीएस बैंक की रिपोर्ट ने अलग-अलग महिला वर्गों के खर्च करने के तौर-तरीकों (Spending Patterns) पर भी बारीकी से नजर डाली है:

  • महिला उद्यमी (ग्रोथ और टेक्नोलॉजी पर फोकस): इनका सबसे बड़ा खर्च कर्मचारियों की सैलरी (65%) पर होता है। इसके बाद मार्केटिंग व कस्टमर एक्विजिशन (53%) और सॉफ्टवेयर व तकनीकी टूल्स (37%) पर यह अपनी पूंजी लगा रही हैं।

  • ग्रामीण कामकाजी महिलाएं (ऑपरेशनल खर्च): ग्रामीण इलाकों की महिलाओं का 82% खर्च कच्चे माल (Raw Materials) पर, 47% दुकान/जगह के किराए पर और 35% माल को बाजार तक पहुंचाने के ट्रांसपोर्टेशन पर होता है।

  • HNW महिलाएं (लाइफस्टाइल और जरूरतें): इनकी प्राथमिकताएं बंटी हुई हैं, जिसमें राशन व दैनिक सामान (50%), यूटिलिटी बिल (32%), हेल्थकेयर (28%) और यात्रा व छुट्टियां (27%) मुख्य रूप से शामिल हैं।

विशेषज्ञ की राय: डीबीएस बैंक इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्येश दलाल ने कहा, “यह आंकड़े महिलाओं के वित्तीय व्यवहार में एक बेहद सकारात्मक बदलाव को दर्शाते हैं। डिजिटल टूल्स अब सिर्फ पेमेंट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं के लिए बिजनेस मैनेजमेंट, क्रेडिट और फ्यूचर प्लानिंग का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं।”

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