अमेरिका अगले 3 साल में ‘गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड’सिस्टम बनाएगा। इससे दुनिया के किसी भी कोने या फिर अंतरिक्ष से दागे जाने वाले मिसाइलों से अमेरिका की सुरक्षा की जा सकेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगले 3 साल में इस सिस्टम को तैयार किया जाएगा। आपको बता दें कि एयर डिफेंस सिस्टम से किसी भी मिसाइल, ड्रोन और एयरक्राफ्ट आदि से देश की रक्षा करती है। भारत ने भी एस—400 का इस्तेमाल कर ऐसे ही पाकिस्तान के मिसाइल को नस्ट किया है।
14,954,365,300 रुपये का प्रोजेक्ट
अमेरिका गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड बनाने पर करीब 175 अबर डॉलर खर्च करेगा। भारतीय रुपये में इसकी वैल्यू 14,954,365,300 रुपये हुई। डोनाल्ड ट्रंप ने आज बताया कि उन्होंने इस मिसाइल डिफेंस के अंतिम डिजाइन को चुन लिया है। इस प्रोजेक्ट का प्रमुख अमेरिकी अंतरिक्ष सेना के जनरल माइकल गुएटलीन को बनाया गया है।
क्या होगी खूबी?
अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड सिस्टम बनाने की इच्छा जाहिर की थी लेकिन उस समय उनके पास तकनीक नहीं थी। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव के दौरान यह सिस्टम बनाने की घोषणा की थी। आपको बता दें कि गोल्डन डोम देश की ओर आने वाली मिसाइलों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उन्हें रोकने के लिए सैकड़ों सैटेलाइट पर निर्भर हो सकता है। दुश्मन की मिसाइलों को टारगेट करने के लिए इसमें निगरानी सैटेलाइट और इंटरसेप्टर सैटेलाइट दोनों होने की उम्मीद है। इसे हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स, क्रूज मिसाइलों और एआई से लैस ड्रोनों को रोकने के लिए बनाया जा रहा है।
