नालंदा-डीईओ द्वारा मूल्यांकन बहिष्कार कर रहे हड़तालियों पर नियमों को ताक पर रखकर की जा रही एफ आई आर,निलंबन आदि कार्रवाई

इंटर, मैट्रिक के मूल्यांकन आदि कार्यों के बहिष्कार को लेकर सरकार के इशारे पर डीईओ नालंदा द्वारा मूल्यांकन बहिष्कार कर रहे हड़तालियों पर नियमों को ताक पर रखकर की जा रही एफ आई आर,निलंबन आदि कार्रवाई के खिलाफ जिले के तमाम प्रखंड बी आर सी पर बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले जिले के हड़ताली नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्षो ने आक्रोश पूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में अपनी वाजिब मांगों के समर्थन में हड़ताल को पन्द्रह दिन पूरे होने पर भी शिक्षक हड़ताल पर डटे व अडिग रहे। समन्वय समिति नालंदा इकाई के अध्यक्ष मंडल सदस्यो का दौरा परवलपुर,वेन ,सिलाव आदि प्रखंडो में हुआ।जिले के तमाम प्रारंभिक स्तर से उच्चतर माध्यमिक तक के नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों से आगामी 05 मार्च को आहूत राज्यव्यापी आंदोलन जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय आक्रोश मार्च श्रम कल्याण मैदान से डीईओ कार्यालय एतवारी बाजार होते जिला समाहरणालय के मुख्य दरवाजे पर जाकर सरकार के शिक्षा नीतियों का खिलाफत करते हुए समन्वय समिति के शिष्टमंडल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री बिहार सरकार के नाम ज्ञापन जिला पदाधिकारी नालंदा को समर्पित किया। जिसमें सभी की भागीदारी नितांत आवश्यक है।

विभिन्न प्रखंडों के हड़ताली धरना को संबोधित करते हुए समन्वय समिति नालंदा इकाई के संयोजक राणा रणजीत कुमार ने कहा कि मूल्याकंन वहिष्कार के छठे दिन भी नालंदा के शिक्षक कारवाई से बिना डरे बहिष्कार करने पर तटस्थ है।। उन्होंने कहा कि डीईओ द्वारा की जा रही कारवाई कहीं न कहीं सरकार के बौखलाहट को दर्शा रहा है, इससे यह पता चलता है कि हमारा आदोंलन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, सरकार डरी हुई है आज नहीं तो कल सरकार को झुकना पडे़गा और जो झुकते नहीं उसे उखाड़ के फेंक दिए जाते हैं,
अध्यक्ष मंडल सदस्यो ने नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों से अपील करते हुए कहा कि हम-सब अभी नहीं तो कभी नहीं के तर्ज पर एक जुट होकर इस शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी तानाशाह सरकार का हर काम का विरोध व बहिष्कार किया जाए और आम लोगों को बताया जाय कि कैसे समाज को यह धीमा जहर दे रहा है जिसका असर आने वाले पीढ़ियों पर पडे़गा, नेताओं ने कहा कि यह तानाशाह बड़ी चालाकी से जनता को शिक्षकों के विरुद्ध भड़काता है तो क्यों न हम भी जनता की अदालत में जाए और इसके काला चिठ्ठा खोले अगर हम एक जुट हो मुकाबला करें तो अवश्य विजयी होगें, इस आदोंलन को आखिरी मान अपनी आहुति दे,।।
उधर !बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति जिला इकाई के संयोजक राणा रंजीत कुमार, अध्यक्ष मंडल सदस्य संजीत कुमार शर्मा, रौशन कुमार, मदन कुमार, प्रकाशचन्द्र भारती, कुमार अमिताभ, प्रियरंजन कुमार, समेत जिले के समस्त कराययपरशुराय में विनोद कुमार,मिरनाल कुमार हिलसा में तारकनाथ जयसवाल, अजित कुमार,एकंगरसराय में शशिकांत वर्मा,सुनील कुमार, इस्लामपुर में सूचित कुमार, थरथरी में धनंजय कुमार, चण्डी में शैलेन्द्र कुमार सिंह, जन्म जय कुमार शाही,जीतन कुमार, हरनौत में सुनील कुमार, रविशंकर पाण्डेय, सरमेरा में सचिदानंद प्रसाद, विनोद तांती,रहुई में रविकांत, संजीव कुमार, राजगीर में अति उत्तम कुमार, अनीश कुमार,निशिकांत, राजेश कुमार, सिलाव में नवीन कुमार सिंह, रौशन कुमार,परवलपुर में मुकेश कुमार,अखिलेश कुमार, सुबोध कुमार सुमन,वेन में रौशन कुमार, जितेंद्र कुमार, रामाधीन कुमार,कौशलेन्द्र कुमार,अस्थावां में अमरेश सिंह, कतरीसराय में शम्भू शरण सिंह, मनोज़ कुमार, गिरियक में जितेंद्र कुमार,राकेश कुमार,सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद थे।

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