बिहार राज्य शिक्षक
संघर्ष समन्वय समिति के राज्यव्यापी आह्वान पर नवनियुक्त माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजीत कुमार शर्मा के नेतृत्व में बिहारशरीफ विधान सभा क्षेत्र के विधायक डॉ सुनील कुमार जी के निजी सहायक महेंद्र कुमार जी को रविवार को हड़ताली शिक्षको के द्वारा मांगो के समर्थन में ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षको ने ज्ञापन सौंपते हुए मांग किया कि वे उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखे। विधायक जी के द्वारा शिक्षको की मांगों को गम्भीरतापूर्वक सदन में रखने के लिए आश्वस्त किया गया एवं शिक्षको को विश्वास दिलाया गया कि उनकी इस लड़ाई में वे शिक्षकों के साथ है। बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के जिला संयोजक राणा रणजीत कुमार ने बताया कि सरकार सदन में झूठा तथ्य रखकर राज्य की जनता को गुमराह कर रही है की शिक्षको के वेतन बढ़ाने से राज्य का खजाना खाली हो जाएगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद साठ प्रतिशत राशि केंद्र सरकार से अनुदान के रूप दिया जाता रहा है और अगर वर्तमान में राज्य सरकार नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षको के भांति वेतनमान और सेवाशर्त, सहायक शिक्षक और राज्यकर्मी का दर्जा देती है तो बिहार के वर्तमान कुल बजट का दो प्रतिशत भी शिक्षको के वेतन पर खर्च नही होगा। माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री निरन्तर ही शिक्षको को अपमानित करने का काम कर रहे है जबकि भारत के कई आयोगों ने भी राज्य के कुल बजट का दस प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करने की बात कही है। लेकिन इन सबसे से इतर सरकार समाज के शोषित और वंचित समुदाय के बच्चों के साथ छलावा कर रही है। आज के समय मे कोई भी युवा नियोजित शिक्षकों की दुर्दशा को देखते हुए शिक्षक नही बनना चाहता है।शिक्षको का आंदोलन वर्तमान समय मे जनांदोलन में तब्दील हो रहा है और जनता तथा जनप्रतिनिधियों का शिक्षको को साथ मिलने लगा है।सरकार में अगर तनिक भी संवेदना बची है तो शीघ्र हमारे प्रतिनिधियो को बुलाकर वार्ता करे अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विभाग के द्वारा शिक्षको पर एफआईआर , निलंबन आदि कार्रवाई के बाबजूद शिक्षक पीछे हटने को तैयार नही है और इस बार अंतिम दम तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। इसी कड़ी में आज हमारे क्षेत्र से चुने हुए विधायक आदरणीय डॉ सुनील कुमार जी से नियोजित शिक्षकों के मुख्य मांग नियमित शिक्षको के भांति वेतनमान, सेवाशर्त, सहायक शिक्षक और राज्यकर्मी के दर्जे उपस्थित रहे।