अतिपिछड़ा शोषित समाज पर लगातार हो रहे शोषण अत्याचार के खिलाफ लोगो का आक्रोश फूटा और एकदिवसीय धरना में लोग जमकर प्रशासन के खिलाफ दहाड़े। बुधवार को अंचल कार्यालय में आयोजित एकदिवसीय धरना में चंडी प्रखण्ड
के सैकड़ो महिला पुरुष ने स्थानीय अंचल कार्यालय के कार्यरत कर्मियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विगत कुछ दिन पूर्व माधोपुर के सुबोध चन्द्रवँशी के घर के रास्ते मे दबंग श्रवण महतो द्वारा लोगो ने गड्ढा खोदकर छोड़ दिया है जिससे आवागमन बाधित हो गया है।स्थानीय सुबोध कुमार द्वारा अंचल कार्यालय से लेकर डीएम साहब तक शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नगण्य रही।तब हारकर सुबोध ने लोक शिकायत हिलसा में शिकायत दर्ज कराई किंतु अंचल के कर्मचारी सुरेंद्र पंडित ने फर्जी रिपोर्ट हिलसा अनुमण्डल को दिया जबकि जिस रास्ता को अवरुद्ध किया गया वहाँ पूर्व से ही वितीय वर्ष 2015 16 की राशि से ईंट सोलिंग, नाली निर्माण हो चुका है।साथ ही हर घर नल जल योजना से पानी का पाइप भी बिछाया गया है।इस संदर्भ में धरना में शामिल लोगों ने योजना की जांच की माँग करते हुए दोषी कर्मचारी को बर्खास्त करने की मांग की है। धरना को सम्बोधित करते हुए समाजसेवी श्याम किशोर भारती ने कहा कि शोषित समाज पर दबंगो के अत्याचार के साथ प्रशासनिक अत्याचार भी हो रहा है ।जिलेभर में अतिपिछड़े वर्ग के लोगो के साथ आपराधिक घटनाएं बढ़ गई है।प्रशासनिक उपेक्षा के कारण लगातार शोषण हो रहा है जिस कारण अतिपिछड़े वर्ग में प्रशासन के प्रति नकारात्मक सोच पनप रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते दिए गए ज्ञापन पर हल नही निकलता है तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। धरना को माले नेता चुन्नू चन्द्रवँशी,चन्द्रवँशी महासभा नालन्दा जिलाध्यक्ष भागवत प्रसाद चन्द्रवँशी, अखाड़ा परिषद नालन्दा जिलाध्यक्ष वीरू चन्द्रवँशी,शीतल राम,नवल किशोर प्रसाद,सुमन कुमार,पप्पू चन्द्रवँशी,वीरेंद्र प्रसाद,अर्जुन यादव,रमाकांत प्रसाद, सुभाष प्रसाद,निशांत अलबेला, अर्चना कुमारी,रवि प्रसाद, अशिवनी कुमार,सावित्री देवी, रिंकू देवी,धन्वंतरि देवी,ब्रजेश बिंद, उपेंद्र मांझी,मालती देवी सहित सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शामिल थे।