वैशाली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई, बकाया इंसेंटिव और अन्य भुगतान जारी करने के बदले मांगी थी घूस
बिहार के वैशाली जिले में निगरानी ब्यूरो की विशेष टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पटेढ़ी बेलसर की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद और डाटा एंट्री ऑपरेटर हिमांशु कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों को 8,600 रुपये रिश्वत लेते हुए कार्यालय कक्ष से रंगे हाथ पकड़ा गया।
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, राजस्थान के सीकर जिले के धौद थाना क्षेत्र के खुड़, मांडोला गांव निवासी जयपाल सिंह ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ब्यूरो ने ट्रैप की कार्रवाई की।
1.29 लाख रुपये के बकाये के भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसके कुल 1,29,800 रुपये के बकाये का भुगतान करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। इसमें मार्च 2024 का इंसेंटिव, अप्रैल से अगस्त 2025 तक का 16,200 रुपये बकाया और सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक का 96,000 रुपये इंसेंटिव शामिल था।
इसके अलावा, सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक मोबाइल रिचार्ज और परिवहन मद में 9,600 रुपये के बकाये का भुगतान भी लंबित था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन राशियों का भुगतान करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी।
डीएसपी के नेतृत्व में टीम ने की कार्रवाई
मामले की पुष्टि होने के बाद निगरानी ब्यूरो ने डीएसपी वासुदेव राय के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने योजना के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 8,600 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी के विशेष न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस साल रिश्वतखोरी के 109 मामलों में ट्रैप कार्रवाई
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, भ्रष्टाचार के खिलाफ इस साल अब तक 119 एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। इनमें ट्रैप से जुड़े 109 मामले हैं। इन मामलों में अब तक 110 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
ब्यूरो के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में अब तक रिश्वत के रूप में 38 लाख 17 हजार 400 रुपये और 37 हजार रुपये मूल्य की एक नई वॉशिंग मशीन बरामद की गई है।
