पटना के 5 बड़े होटलों में छापेमारी, कहीं एक्सपायरी सामान तो कहीं गंदगी, 14 दिन में सुधार का नोटिस

पटना। बिहार की राजधानी पटना के पांच प्रमुख होटलों में खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, रसोई की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में कई अनियमितताएं मिलीं। कार्रवाई के दौरान एक्सपायरी खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया, जबकि विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। विभाग ने संबंधित होटलों को 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया है।

खाद्य संरक्षा आयुक्त एवं सचिव कुमार रवि के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। टीम ने होटल गार्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एक्सोटिका, द पनाश होटल, होटल मौर्या और लेमन ट्री का निरीक्षण किया।

पनाश होटल में 10 किलो मटन-चिकन और ब्रेड नष्ट

द पनाश होटल के फ्रीजर में करीब 10 किलोग्राम मटन और चिकन पॉलीथिन में लपेटकर रखा गया था। इन पैकेटों पर निर्माण तिथि और इस्तेमाल की अंतिम तारीख दर्ज नहीं थी। जांच में मटन और चिकन मानव उपभोग के योग्य नहीं पाए गए। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 38 के तहत इन्हें जब्त कर नष्ट करा दिया गया।

इसके अलावा, इस्तेमाल की अंतिम तारीख अंकित नहीं होने के कारण छह पैकेट ब्रेड भी नष्ट कराए गए। इन खाद्य पदार्थों का कुल बाजार मूल्य 6,250 रुपये बताया गया है।

होटल में इस्तेमाल होने वाले पानी की टीडीएस मीटर से जांच की गई, जिसमें रीडिंग 44 मिली। निरीक्षण रिपोर्ट में इसे निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं माना गया। विभाग ने होटल को 14 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया है।

गार्गी ग्रैंड में एक्सपायरी सामान मिला, पनीर के नमूने लिए

होटल गार्गी ग्रैंड की रसोई में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे मिले। खाद्य सामग्री के भंडारण में पहले एक्सपायर होने वाले सामान का पहले इस्तेमाल करने की व्यवस्था यानी FEFO/FIFO का पालन नहीं किया जा रहा था।

इसके अलावा, पानी की आखिरी जांच वर्ष 2024 में कराए जाने और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने जैसी कमियां भी सामने आईं। टीम ने पनीर और अरहर दाल के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए। होटल को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है।

पाटलिपुत्र एक्सोटिका में एक्सपायरी सामग्री नष्ट

पाटलिपुत्र एक्सोटिका की रसोई में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। स्टोर रूम में खाद्य सामग्री के भंडारण के दौरान FIFO प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा था। रसोई का वेंटिलेटर टूटा हुआ था, जिससे अंदर कबूतर की मौजूदगी पाई गई। इसके अलावा, बिल पर FSSAI नंबर भी अंकित नहीं था।

निरीक्षण के दौरान छह किलो राज मिल्क, आठ किलो बेकरी मिक्स, 1.5 किलो हाइड्रो और 100 ग्राम जीरा सीप एक्सपायरी पाए गए। इन्हें नष्ट कराया गया। विभाग ने होटल को 14 दिनों के भीतर सभी खामियां दूर करने का नोटिस जारी किया है।

होटल मौर्या में एल्युमिनियम के बर्तनों के इस्तेमाल पर रोक

साउथ गांधी मैदान स्थित होटल मौर्या में खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग ने इनके इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी। होटल में खाद्य पदार्थों को गर्म और ठंडा रखने से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। तापमान प्रबंधन में भी कमियां मिलीं और फ्रिज में जंग लगा हुआ पाया गया।

टीम ने पनीर और सॉल्टेड बटर के नमूने संग्रहित किए। इसके अलावा, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता असंतोषजनक मिली। ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की जरूरत, खाद्य और गैर-खाद्य पदार्थों को अलग-अलग नहीं रखने, बिना ढक्कन वाले कूड़ेदान और कुछ डीप फ्रीजर में जंग लगने जैसी कमियां भी सामने आईं।

होटल को 14 दिनों के भीतर इन कमियों को दूर करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

लेमन ट्री होटल से पनीर, चीज और सॉस के नमूने लिए

लेमन ट्री होटल के निरीक्षण के दौरान खाद्य संरक्षा टीम ने पनीर, चीज, टमाटर सॉस और लिक्विड सॉस के नमूने संग्रहित किए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की गई। टीम ने होटल को ड्रेनेज पर लगी जाली को उचित तरीके से ढकने का निर्देश भी दिया।

खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विभाग की नजर

खाद्य संरक्षा विभाग के अनुसार, सभी संबंधित होटलों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उचित भंडारण, रसोई की स्वच्छता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिष्ठानों को 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करनी होंगी।

विभाग ने कहा है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण, नमूना संग्रहण और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।

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