मुंबई: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने दो नई म्यूचुअल फंड स्कीम, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी टॉप 15 इक्वल वेट ईटीएफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी टॉप 15 इक्वल वेट इंडेक्स फंड लॉन्च की हैं। ये स्कीम निवेशकों को निफ्टी 50 यूनिवर्स से चयनित भारत की शीर्ष 15 कंपनियों में समान वेटेज के साथ निवेश का अवसर देंगी। इन स्कीम का उद्देश्य है एक ऐसे इंडेक्स को दोहराना जो हर कंपनी को समान वेट देता है और जिसे हर तिमाही में संतुलित किया जाता है। इन कंपनियों में वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, आईटी और टेलीकॉम जैसे विविध क्षेत्रों के मार्केट लीडर्स शामिल हैं।
निवेशक आसानी से कर पाएंगे निवेश
इस लॉन्च पर बोलते हुए, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के चीफ मार्केटिंग एंड डिजिटल बिजनेस ऑफिसर, अभिजीत शाह ने कहा:“इन योजनाओं के माध्यम से निवेशक देश की प्रमुख कंपनियों में पारदर्शी और सरल तरीके से निवेश कर सकते हैं। समान वेटेज का दृष्टिकोण निवेश को अधिक संतुलित बनाता है और किसी एक स्टॉक पर अत्यधिक निर्भरता को कम करता है। यह विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो दीर्घकालिक स्थिरता और विविधता की तलाश में हैं।”
निफ्टी टॉप 15 इक्वल वेट क्यों चुनें?
यह सूचकांक टॉप 15 ब्लूचिप कंपनियों में समान वेट के साथ निवेश करता है। यह संतुलित एक्सपोजर सुनिश्चित करता है और ऐतिहासिक रूप से इसने निफ्टी 50 की तुलना में बेहतर लॉन्ग टर्म रिटर्न दिए हैं। साथ ही, इसमें हर तिमाही रीबैलेंसिंग होती है, जिससे यह बाजार के साथ तालमेल बनाए रखता है।
इंडेक्स की रचना कैसे होती है?
यह सूचकांक बीते छह महीनों की औसत फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के आधार पर टॉप 15 कंपनियों को चुनता है। इसमें हर तिमाही रीबैलेंसिंग और हर छह महीने में पुनर्गठन किया जाता है, जिससे यह लगातार भारत की अग्रणी कंपनियों से जुड़ा रहता है।
निफ्टी टॉप 15 इक्वल वेट टीआरआई ने ऐतिहासिक रूप से निफ्टी 50 टीआरआई से बेहतर रिटर्न दिए हैं। इसका मुख्य कारण है कि यह इंडेक्स किसी एक या दो बड़ी कंपनियों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि सभी 15 कंपनियों को बराबर महत्व देता है – जिससे विविधता और दीर्घकालिक लाभ की संभावना बढ़ती है।
बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में भी इस इंडेक्स ने निफ्टी 50 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसका कारण है संतुलित संरचना, जो किसी एक सेक्टर या कंपनी पर अत्यधिक निर्भरता से बचाती है।
वैल्यूएशन की दृष्टि से अवसर
29 मई 2025 तक, यह इंडेक्स अपने पिछले तीन वर्षों के औसत P/E अनुपात से नीचे ट्रेड कर रहा है – यह संकेत करता है कि वर्तमान में इसमें निवेश करना दीर्घकालिक दृष्टि से फायदेमंद हो सकता है।
