Car Loan: अगर, आप नई कार खरीदने के लिए बैंक से लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो कुछ अहम बातों की जानकारी होना जरूरी है जैसे लोन पर इंटरेस्ट रेट, प्रोसेसिंग फीस, फोर क्लोजर चार्ज आदि। आप लोन लेने से पहले इन बातों की जानकारी लेकर न सिर्फ अच्छी खासी बचत कर सकते हैं बल्कि भविष्य में आने वाली परेशानी से भी बच सकते हैं। आइए जानते हैं कि प्रमुख बैंकों के कार लोन पर इंटरेस्ट रेट, प्रोसेसिंग फीस और फोर-क्लोजर चार्ज क्या हैं। साथ ही कहां से लोन लेना फायदेमंद है।
क्या होती है प्रोसेसिंग फीस?
प्रोसेसिंग फीस वह राशि होती है जो बैंक लोन प्रोसेस करने के लिए लेता है। ये फीस आमतौर पर नॉन-रिफंडेबल होती है। यह फीस लोन अमाउंट का 0.25% से 1% तक हो सकती है। कुछ बैंक न्यूनतम और अधिकतम सीमा तय करते हैं (जैसे ₹2,500 से ₹10,000 तक)।
क्या होती है फोर-क्लोजर चार्ज?
अगर आप कार लोन की पूरी राशि निर्धारित समय से पहले चुका देते हैं, तो बैंक इस पर फोर-क्लोजर चार्ज वसूलते हैं। इसकी वजह यह होती है कि बैंक को आपके लोन पर ब्याज से कमाई होती है। जब आप लोन जल्दी चुका देते हैं, तो बैंक को कम ब्याज मिलता है। उसकी भरपाई फोर-क्लोजर चार्ज से की जाती है। कुछ बैंक 1 साल के बाद फोर-क्लोजर पर कोई चार्ज नहीं लेते हैं।
सरकारी बैंक से लोन लेना फायदेमंद
एक्सपर्ट के अनुसार, सरकारी बैंक से लोन लेना ज्यादा फायदेमंद है। इसकी वजह यह है कि सरकारी सेक्टर बैंक में प्रोसेसिंग फीस और फोर-क्लोजर चार्ज प्राइवेट सेक्टर बैंकों के मुकाबले बहुत कम होता है। अगर, कोई कस्टमर लोन टेन्योर से पहले ही लोन चुकाना चाहता है तो ऐसे में उसको बड़ी बचत होती है। जबकि प्राइवेट सेक्टर में इस मद में उसके जेब पर बड़ा बोझ पड़ जाता है।
