जय श्री राम और सिया राम में भेद करने वाले राम को क्या जानेंगे, राम सबके हैं, उन्हें परिभाषित नहीं किया जा सकता: प्रिंस वत्स लोजपा रामविलास

पटना( Post2pillar):अयोध्या में श्री राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में जश्न का माहौल है। तो वहीं दूसरी तरह राम के नाम पर सियासत भी तेज है। पक्ष और विपक्ष की पार्टियां अपने अपने तरीके से राम को परिभाषित कर रही हैं। इसे लेकर लोजपा रामविलास के युवा नेता प्रिंस वत्स से राम को परिभाषित करने वाले नेताओं पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग राम के नाम पर हिंदू मुस्लिम में फर्क,भेदभाव करते रहे। मुस्लिमों को हिंदुओं से और हिंदुओं को मुस्लिमों के नाम पर डराते रहे। वो राम को क्या परिभाषित करेंगे। जिनको जय श्री राम और जय सिया राम में भी फर्क दिखता है। राम तो मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उन्हें भला कोई परिभाषित कर सकता है, वो सबके थे, सबके हैं और सबके रहेंगे।बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अयोध्या की सीमाएं सील कर दी गई हैं। अब 23 जनवरी तक केवल बुलाए गए मेहमानों को की पास दिखाकर एंट्री मिलेगी। राम लला की पुरानी प्रतिमा नए मंदिर में पहुंच गई हैं। जहां पूजा हो रही है। पूरा देश कल भक्तिभाव में डूब जाएगा।आज से ही लगभग सभी राज्यों में अलग अलग तरीके से हवन पूजन, अष्ट्याम, हनुमान चालीसा का पाठ, शुरू हो गया है। दीपोत्सव भी मनाया जा रहा है।

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