नालन्दा से राकेश कुमार की रिपोर्ट-
राज्य सरकार के द्वारा लॉक डाउन थ्री में प्रवासी मजदूरो को विशेष ट्रेन से बिहार लाया जा रहा है
। प्रवासी मजदूरो के वापसी के बाद सभी मजदूरों को नालंदा जिले के प्रखंड स्तर पर सेंटर बनाकर उसमें सभी मजदूरों को क्वारन्टीन किया गया है। अगर क्वारन्टीन सेंटर में मजदूरों की क्वारन्टीन बात की जाए तो अब तक नालंदा जिले के क्वारन्टीन सेंटरों में कई तरह की समस्याओं को लेकर हंगामा की बात सामने आ चुकी है लेकिन इसी कड़ी में सरमेरा प्रखंड में बनाए गए सभी 5 क्वारन्टीन सेंटर में बाहर से आए प्रवासी मजदूरों के लिए काफी मुकम्मल व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं इन क्वारन्टीन सेंटरों में पदाधिकारियों के द्वारा मजदूरों के बीच अभिभावक के रूप में लोगों के सामने पेश आ रहे हैं।सुबह शाम इन मजदूरो को योग व्यायाम और प्राथना भी कराया जाता है ताकि मजदूरो में जागरूकता की बात उभर सके। पदाधिकारियों के द्वारा हर क्वारन्टीन सेंटर को रोजाना 3 बार निरीक्षण किया जाता है ताकि अगर कोई भी मजदूर की किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वह सीधे पदाधिकारियों को बता सकें। वही बाहर से आए प्रवासी मजदूरों ने भी सरमेरा प्रखंड में पदाधिकारियों के द्वारा क्वारन्टीन सेंटर में की गई व्यवस्था के बारे में काफी सराहना की। मजदूरों ने बताया कि जिस तरह से अन्य क्वारन्टीन सेंटर में मजदूरो की हालत के बारे में सुना जाता है कि वहां काफी दिक्कत है लेकिन सरमेरा प्रखंड के क्वारन्टीन सेंटर में मजदूरो के साथ पदाधिकारियों के द्वारा एक परिवार की तरह व्यवहार किया जा रहा है। ऐसे लगता है कि जैसे हम क्वारन्टीन सेंटर में नहीं बल्कि अपने घरों में परिवार के बीच रह रहे हैं। अगर आंकड़ों की बात की जाए तो सरमेरा प्रखंड में 11 सेंटर चयनित किए गए हैं जिसमें पांच को क्वारन्टीन सेंटर बनाया गया है। अगर मजदूरों की आंकड़ों की बात की जाए तो अब तक लगभग 500 मजदूर सरमेरा प्रखंड में क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखे जा चुके हैं । जिसमें सभी मजदूरों को कैटेगरी के आधार पर बांटा गया है। इन 500 मजदूरों में 311 मजदूर रेडजोन इलाके जैसे यूपी दिल्ली आंध्र प्रदेश राजस्थान केरल समेत 13 राज्यों से आए हैं। विशेष परिस्थिति में प्राथमिक केंद्र में भी बनाया गया है।कहा जा सकता है कि इस विकट परिस्थितियों में भी सरमेरा प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी के द्वारा अच्छी पहल की शुरुआत की गई है जिनमे स्थानीय नेता चिक्कू सिंह,विजय मुखिया उपप्रमुख का भी काफी अच्छा सहयोग मिल रहा है। जो अन्य मजदूरो और पदाधिकारियो के लिए प्रेरणास्रोत का काम करेगा।