Nalanda-कोरोना महामारी की खात्मा व उससे बचाव के लिए संयम परहेज बेहतर विकल्प

शिक्षक समाज के निर्माता हैं, इनको आत्मनिर्भर बनाये बगैर स्वच्छ समाज व विकासोन्मुख परिवर्तन की कल्पना बेमानी है। क्योंकि इन्हें नजरंदाज कर समाज की कुरीतियों में परिवर्तन व बदलाव कदापि संभव नहीं है । राज्य सरकार दहेज प्रथा,बाल विवाह , नशामुक्ति आदि जितने भी सामाजिक कुरीतियां का सफाया करने की जो मुहिम चलाई उसको सफलीभूत करने के लिए शिक्षक जी जान से लगे हुए हैं वावजूद शिक्षकों के साथ राज्य सरकार हमेशा दोरंगी नीति अपनाती आ रही है जो अन्याय है जिसकी जितनी निंदा की जाए कम होगी। उक्त बातें

बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के तत्वाधान में आयोजित आमजनों के बीच कोरोना वायरस से बचाव एवं हस्ताक्षर अभियान की कड़ी में जिला संयोजक राणा रणजीत कुमार ने गिरीयक प्रखंड में रविवार को कही । उन्होंने कहा कि जिले के दस हजार नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष अपने वाजिब मांगों के समर्थन एवं असंवैधानिक कार्रवाई के खिलाफ हड़ताल 28वे दिन कोरोनावायरस से बचाव के सन्दर्भ में अभियान चलाकर डटे हुए हैं।
समन्वय समिति के घटक संघों के जिलाध्यक्ष सह अध्यक्ष मंडल सदस्य संजीत कुमार शर्मा, रौशन कुमार,प्रकाशचंद्र भारती,मदन कुमार,कुमार अमिताभ,प्रियरंजन ने सरकार की अड़ियल रवैया और नियोजनबाद को भर्त्सना करते हुए हड़ताल को जारी रखने की बात कही। नेताओं ने कहा कि राज्यभर के सभी सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था नियोजित शिक्षकों के कंधे पर ही टिकी हुई है। सरकारी स्कूलों में गरीबों के बच्चे ही पढ़ते हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार नियोजित शिक्षकों के साथ तानाशाही व दमनात्मक नीति अपना रही है। यह सरकार शिक्षकों की हकमारी कर गरीब के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। नेताओं ने कहा कि नियोजित शिक्षकों से शैक्षणिक कार्यों के अलावा सरकार की ओर से चलाई जा रही सभी तरह की योजनाओं में बंधुआ मजदूर की तरह काम लिए जाते हैं। नियोजित शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान व राज्य कर्मी का दर्जा अब तक नहीं देकर राज्य सरकार नियोजित शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है। नेताओं ने कहा कि नियोजित शिक्षकों की मांग पर राज्य सरकार की ओर से लगातार कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने के कारण क्षुब्ध होकर शिक्षक संगठनों ने सरकार को पूर्व में सूचना देकर लोकतांत्रिक तरीके से हड़ताल कर रहे हैं। नियोजित शिक्षकों की इस हड़ताल के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *